कंप्यूटर की सामान्य जानकारी General computer information

कम्प्यूटर डाटा संरचना

कम्प्यूटर एक बहुत ही उपयोगी यन्त्र है । कम्प्यूटर यूजर द्वारा दिए हुए सभी प्रकार के निर्देशों को गणना के लिए संग्रहीत करता है जैसे – संख्या, नंबर, टेक्स्ट, ग्राफ़िक्स, चित्र इत्यादि। यह सभी डाटा तथा निर्देश अलग परन्तु कम्प्यूटर इन सभी डाटा तथा निर्देशों को बाइनरी भाषा में बदल कर संग्रहीत करता है । बाइनरी एक मशीन की भाषा है जिसका आधार सिर्फ दो संख्याएँ है – 0 तथा 1 । यूजर द्वारा दिए गए सभी निर्देश बाइनरी भाषा में 0 तथा 1 में परिवर्तित हो जाते है । इस प्रक्रिया को डाटा निरूपण कहते है । डाटा निरूपण के लिए दो तरीके होते है –

1. एनालॉग क्रियायें
2. डिजिटल क्रियायें

एनालॉग क्रियायें (Analog Operations)

एनालॉग क्रियाएं लगातार परिवर्तनशील संकेत पर आधारित है । इनमे अंकों का प्रयोग नहीं होता है । एनालॉग क्रियाओं का प्रयोग विज्ञानं तथा इंजीनियरिंग के बहुत से क्षेत्रों में किया जाता है क्योंकि इन क्षेत्रों में भौतिक मात्राओं का उपयोग अधिक किया जाता है जैसे की स्पीडोमीटर, ओडोमीटर, वोल्टमीटर, थर्मामीटर इत्यादि

डिजिटल क्रियायें (Digital Operation)-

आधुनिक कम्प्यूटर डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक सर्किट (digital electronic circuits) द्वारा निर्मित होते हैं। इस सर्किट का मुख्य भाग ट्रांजिस्टर होता है जो दो अवस्थाओं 0 तथा 1 में कार्य करता है। कम्प्यूटर में डाटा को व्यक्त करने वाली इन दो अवस्थाओं को सम्मिलित रूप से बाइनरी संख्या प्रणाली कहते हैं।

बाइनरी डाटा को स्टोर करने के लिए एक प्रणाली बनाई गई है, जिसकी सबसे छोटी इकाई बिट है ।
4 बिट्स = 1 निबल
8 बिट्स = 1 बाइट
1024 बाइट्स = 1 किलोबाइट (KB)
1024 किलोबाइट = 1 मेगाबाइट (MB)
1024 मेगाबाइट = 1 गीगाबाइट (GB)
1024 गीगाबाइट = 1 टेराबाइट (TB)

सूचना-प्रौद्योगिकी
कम्प्यूटर का विकास कई दशकों पहले ही हो चुका है, परन्तु आधुनिक युग में कम्प्यूटर की क्षमता, गति, आकार एवं अन्य कई विशेषताओं में आश्चर्यजनक बदलाव हो रहे हैं। इन सभी सूचनाओं में सूचना प्रौद्योगिकी के आविष्कार ने कई असम्भव बातों को सम्भव बना दिया है। हम घर बैठे दूर स्थित अपने किसी मित्र व संबंधी के साथ चैंटिंग करना, रेलवे-वायुयान टिकट आरक्षित करा सकते हैं। कम्प्यूटर के विकास के साथ-साथ सूचना प्रौद्योगिकी भी विकास के पथ पर अग्रसर है। सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग डाटा संचार के रूप में, व्यपार, घर, बैंकों इत्यादि स्थानों पर मुख्य रूप से किया जाता है। दूसरे शब्दों में ज्ञान की नई शाखा को सूचना प्रौद्योगिकी कहते हैं।

सूचना-प्रौद्योगिकी के मौलिक घटक(Fundamental Ingredient of IT)

संचार प्रक्रिया, कम्प्यूटर नेटवर्क, ई-मेल आदि सूचना-प्रौद्योगिकी के मौलिक घटक हैं। इनका संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है-

संचार-प्रक्रिया (Communication Process)

दो विभिन्न या समान डिवाइसों के मध्य डाटा तथा सूचनाओं के आदान प्रदान को डाटा संचार एवं इस सम्पूर्ण प्रक्रिया को संचार-प्रक्रिया कहते हैं। संचार-प्रक्रिया निम्नलिखित माध्यमों के द्वारा सम्पन्न होती है-
1. संदेश
2. प्राप्तकर्ता
3. प्रेषक
4. माध्यम
5. प्रोटोकॉल

कम्प्यूटर नेटवर्क (Computer Network)
सूचनाओं या अन्य संसाधनों के परस्पर आदान-प्रदान एवं साझेदारी के लिए दो या दो अधिक कम्प्यूटरों का परस्पर जुड़ाव कम्प्यूटर नेटवर्क कहलाता है। कम्प्यूटर नेटवर्क के अंतर्गत संसाधनों एवं सूचनाएं एक कम्प्यूटर से दूसरे कम्प्यूटर तक समान रूप से पहुंचती है। कम्प्यूटर नेटवर्क एक कंपनी अथवा भवनों, एक कमरे तथा शहर के मध्य स्थापित किए जाते हैं।


नेटवर्क के प्रकार(Types of Network)
नेटवर्क विभिन्न प्रकार के होते हैं परन्तु मुख्यत: नेटवर्क तीन प्रकार के होते हैं-

1. लोकल एरिया नेटवर्क- लैन (Local Area Network- LAN)
वह नेटवर्क जो केवल एक भवन, कार्यालय अथवा एक कमरे तक सीमित होते हैं, लोकल एरिया नेटवर्क कहलाते हैं। इस नेटवर्क के अंतर्गत कई कम्प्यूटर आपस में संयोजित रहते हैं। परन्तु इनका भौगोलिक क्षेत्र एक या दो किमी. से अधिक नहीं होता है। रिंग, स्टार या कम्प्लीटली कनेक्टेड नेटवर्क आदि लैन के उदाहरण हैं।


2. मैट्रोपोलिटन एरिया नेटवर्क- मैन (Metropolitan Area Network- MAN)
एक या एक से अधिक लोकल एरिया नेटवर्कों को एक साथ जोड़कर बनाए गए नेटवर्क को मैट्रोपोलिटन एरिया नेटवर्क कहते हैं। यह नेटवर्क वृहद स्तरीय नेटवर्क है, जो कई कार्पोरेटों से मिलकर बना होता है। मैन की गति अत्यधिक तीव्र होती है, परन्तु लैन की अपेक्षा धीमी होती है।
3. वाइड एरिया नेटवर्क- वैन (Wide Area Network- WAN)
वह नेटवर्क जो मंडलीय, राष्टरीय, अंतरराष्टरीय एवं प्रादेशिक स्तर पर जोड़े जाते हैं, वाइड एरिया नेटवर्क कहलाते हैं। वैन में उपग्रह द्वारा कम्प्यूटर टर्मिनलों को आपस में जोड़ा जाता है। उदाहरण के लिए- मुबंई में रहकर दिल्ली से कोलकाता का आरक्षण करना या कनाडा से सिंगापुर की फ्लाइट का आरक्षण केवल वैन द्वारा ही संभव है। वैन की गति, लैन तथा मैन की अपेक्षा धीमी होती है।

माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस


माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस परस्पर संबंधित डेस्कटॉप अनुप्रयोगों और सेवाओं का समूह है, जिसे सामूहिक रूप से ऑफिस सूट कहा जाता है। माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस सर्वप्रथम सन् 1989 में माइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेशन द्वारा मैक- OS के लिए शुरू किया गया। उसके पश्चात सन् 1990 में विंडोज के लिए प्रथम संस्करण लाया गया। माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस 3.0 ऑफिस सूट का विंडोज ऑपरेटिंग सिस्टम का प्रथम संस्करण था। उसके बाद माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस 4.3, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस 95, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस 2000, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस ङ्गक्क तथा माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस 3003, माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस 2010 हैं। माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस के अंतर्गत मुख्यत: चार प्रोग्राम आते हैं-


1. माइक्रोसॉफ्ट वर्ड
2. माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल
3. माइक्रोसॉफ्ट एक्सेस
4. माइक्रोसॉफ्ट पॉवर प्वाइंट
 

एमएस ऑफिस के ये प्रोग्राम अलग-अलग प्रकार के कार्यों को करने के लिए प्रयोग में लाए जाते हैं, लेकिन इन सभी की कार्यप्रणाली लगभग एक जैसी है। जिसमें किसी एक प्रोग्राम पर कार्य करना सीखने के बाद अन्य प्रोग्रामों को सीखना सरल हो जाता है। यही नही एमएस ऑफिस के एक प्रोग्राम से दूसरे प्रोग्राम में कोई चित्र, सामग्री या सूचनाएं लाना ले जाना अत्यन्त सरल है इसलिए इनसे हर प्रकार के मिश्रित कार्य का भी कम्प्यूटरीकरण किया जा सकता है।

माइक्रोसॉफ्ट वर्ड (Microsoft Word)–
माइक्रोसॉफ्ट वर्ड माइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेशन द्वारा विकसित वर्ड प्रोसेसर है। इसका मुख्य कार्य दस्तावेज को संचालित करना है। यह एक वर्ड प्रोसेसिंग पैकेज है, जिसकी सहायता से साधारण दैनिक पत्र व्यवहार से लेकर डेस्कटॉप पब्लिशिंग स्तर के कार्य सुविधापूर्वक किए जा सकते हैं। इसमें परम्परागत मेन्युओं के साथ ही टूल बार की सुविधा भी उपलब्ध है। जैसे- कॉपी करना, कट करना, जोडऩा, खोजना एवं बदलना, फॉन्ट, स्पेलिंग एंड ग्रामर की जॉच करना, बुलेट्स तथा नंबरिंग आदि। माइक्रोसॉफ्ट वर्ड 2007 तथा 2010 में दस्तावेजों को विभिन्न भाषाओं में अनुवादित करने की सुविधा भी उपलब्ध है।

कम्प्यूटर वायरस


कम्प्यूटर वायरस अपने आप कम्प्यूटर में आ जाने वाला प्रोग्राम कोड होता है, जो बाहरी स्रोत द्वारा तैयार किया जाता है। दुनिया का पहला कम्प्यूटर वायरस Elk Cloner था, जो ‘इन द वाइल्ड’ ने प्रकट किया था। यह कम्प्यूटर वायरस एप्पल डॉस 3.3 ऑपरेटिंग सिस्टम में फ्लॉपी डिस्क के जरिए फैलता है। कम्प्यूटर वायरस हमारे कम्प्यूटर में तबाही लाने वाला प्रोग्राम होता है, जो आपकी फाइलों और ऑपरेटिंग सिस्टम में उपस्थित सूचनाओं को बिना आपकी जानकारी अथवा चेतावनी के नुकसान पहुंचाता है। कम्प्यूटर वायरस के फैलने का सबसे आसान जरिया नेटवर्क, इंटरनेट और ई-मेल का बढ़ता हुआ उपयोग है। आमतौर पर कम्प्यूटर वायरस आपके कम्प्यूटर में निम्न प्रकार से आ सकता है-
 

1. संक्रमित प्रोग्राम के उपयोग से
2. संक्रमित फाइल के उपयोग से
3. संक्रमित फ्लापी डिस्क के साथ डिस्क ड्राइव में कम्प्यूटर बूट करने से
4. पाइरेटेड सॉफ्टवेयर के उपयोग से
 कम्प्यूटर वायरस अपने आप जेनरेट नहीं होते, बल्कि ये वायरस लोगों द्वारा पूरी सूझ-बूझ से तैयार किए गए प्रोग्राम होते हैं। कुछ लोग इसे अपने कम्प्यूटर की सुरक्षा के लिए प्रयोग करते हैं तो कुछ लोग इसे विध्वंस मचाने के लिए तैयार करते हैं। कम्प्यूटर वायरस के प्रकार
वायरस कई प्रकार के होते हैं, परन्तु अधिकांश वायरस को मुख्यत: तीन भागों में बांटा गया है-

1. बूट सेक्टर
2. फाइल वायरस
3. मैक्रो वायरस

महत्वपूर्ण प्रोग्रामिंग भाषाएं

कम्प्यूटर एक मशीन है और वह हमारी बोलचाल की भाषा को समझ नहीं सकता। इसके लिए प्रोग्राम, विशेष प्रकार की भाषा में लिखे जाते हैं। इन भाषाओं को प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के नाम से जानते हैं। आजकल ऐसी सैकड़ों भाषाएं प्रचलन में हैं। ये भाषाएं कम्प्यूटर और प्रोग्रामर के बीच संपर्क या फिर संवाद स्थापित करने का काम करती हैं। कम्प्यूटर उन्हीं के माध्यम से दिए गए निर्देशों को समझकर काम करता है। कम्प्यूटर द्वारा किए जाने वाले अलग अलग कार्यों के लिए अलग-अलग तरह की लैंग्वेज का इस्तेमाल किया जाता है। इनमें कुछ प्रमुख प्रोग्रामिंग लैंग्वेज इस प्रकार हैं-

लो-लेवल लैंग्वेज (Low Level Languages)
वे लैंग्वेज जो कम्प्यूटर की आंतरिक कार्यप्रणाली को ध्यान में रखकर बनाई गई हंै लो लेवल लैंग्वेज कहलाती हैं। इसमें प्रोग्राम लिखने वाले व्यक्ति को कम्प्यूटर की आंतरिक क्रिया प्रणाली की जानकारी होना आवश्यक है। इसको निम्न स्तरीय लैंग्वेज इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसमें प्रोग्राम लिखना पूरी तरह से उस कम्प्यूटर पर निर्भर करता है जिस पर यह लिखा जा रहा है। इस लैंग्वेज को पुन: दो अन्य भाषाओं में बांटा जा सकता है।

1. मशीन लैंग्वेज (Machine Languages)
कम्यूटर एक मशीन है जो केवल विद्युत संकेतों को ही समझ सकती है। इन विद्युत संकेतों को ऑफ या 0(शून्य) व ऑन या 1(एक) द्वारा प्रदर्शित किया जाता है। इन अंको के बायनरी अंक कहते हैं। कम्प्यूटर केवल इन बाइनरी अंकों में दिए गए निर्देशों को समझ सकता है। इन बाइनरी अंको से बनी लैंग्वेज को हम मशीन लैंग्वेज कहते हैं। जैसे- 0100100011100110011

2. असेंबली लैंग्वेज (Assembly Languages) –
अंसेबली लैंग्वेज वे भाषाएं होती हैं जो पूरी तरह से मशीन लैंग्वेज पर आधारित होती हैं। लेकिन इनमें 0 व 1 की सीरीज के स्थान पर अंग्रेजी के कुछ अक्षरों व कुछ चुने हुए शब्दों का कोड के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। इन कोडों को नेमोनिक कोड या शाब्दिक कोड के नाम से जाना जाता है।

3. हाई लेवल लैंग्वेज (High Level Languages)
जैसा कि लो-लेवल लैंग्वेज के लिए बताया गया कि प्रोग्राम लिखने के लिए कम्प्यूटर की आंतरिक कार्यप्रणाली का ज्ञान होना जरूरी है। दूसरा प्रत्येक कम्प्यूटर की अपनी अलग मशीनी भाषा और असेम्बली भाषा होती है। अत: एक तरह के कम्प्यूटर के लिए इन भाषाओं में लिखा गया प्रोग्राम दूसरी तरह के कम्प्यूटरों के लिए बेकार हो जाता है। अत: ऐसी प्रोग्रामिंग भाषाओं का विकास किया गया जो सिस्टम की आंतरिक कार्यप्रणाली पर आधारित न हो और जिनमें लिखे गए प्रोग्रामोंको किसी भी प्रकार के सिस्टम पर चलाना संभव हो। इन भाषाओं को हाई लेवल भाषा कहा जाता है। हाई लेवल प्रोग्रामिंग भाषा में इंग्लिश के चुने हुए शब्दों व साधारण गणित में प्रयोग किए जाने वाले चिह्नों का प्रयोग किया जाता है। इन भाषाओं में प्रोग्राम लिखना उनमे गलतियों का पता लगाना और उनको सुधारना लो लेवल भाषा की तुलना में आसान होता है। सभी प्रोग्राम हाई लेवल भाषा मे ही लिखे जाते हैं।

हाई लेवल प्रोग्रामिंग भाषाओं को भी उनकी प्रकृति के अनुसार दो श्रेणियों में बांटा जा सकता है

1. विधि अभिमुखी भाषाएं (Procedure Oriented Languages)
2. समस्या अभिमुखी भाषाएं (Problem Oriented Languages)

  • प्रमुख हाई लेवल लैंग्वेज:
  • 1. बेसिक
  • 2. फोरट्रॉन
  • 3. लोगो
  • 4. कोबोल
  • 5. पास्कल
  • 6. सी
  • 7. सी++
  • 8. अल्गोल
  • 9. कोमाल
  • 10. पायलट
  • 11.स्नोबॉल
  • 12. प्रोलॉग
  • 13. फोर्थ जेनरेशन लैग्वेज (4जीएल)

हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के बीच संबंध

पारस्परिक रूप से उनमें से कंप्यूटर एक उपयोगी उत्पादन का उत्पादन करने के लिए एक साथ काम करना चाहिए.सॉफ्टवेयर हार्डवेयर समर्थन के बिना उपयोग नहीं किया जा सकता.पर संचालित करने के लिए कार्यक्रमों के सेट के बिना हार्डवेयर का उपयोग किया और बेकार है नहीं किया जा सकता.कंप्यूटर पर किया एक खास नौकरी के लिए, प्रासंगिक सॉफ्टवेयर हार्डवेयर में लोड किया जाना चाहिएहार्डवेयर एक एक समय खर्च है.सॉफ्टवेयर विकास बहुत महंगा है और एक सतत खर्च है.विभिन्न सॉफ्टवेयर विभिन्न नौकरियों को चलाने के लिए एक हार्डवेयर पर लोड किया जा सकता है.एक सॉफ्टवेयर उपयोगकर्ता और हार्डवेयर के बीच एक अंतरफलक के रूप में कार्य करता है.हार्डवेयर एक कंप्यूटर प्रणाली के ‘दिल’ है, तो सॉफ्टवेयर अपने ‘आत्मा’ है. दोनों एक दूसरे के पूरक हैं.

कंप्यूटर नेटवर्क

एक कंप्यूटर नेटवर्क क्या है?

एक कंप्यूटर नेटवर्क कई कंप्यूटरों जानकारी और संसाधनों को साझा करने के लिए एक दूसरे से जुड़े हुए हैं, जिनमें एक प्रणाली है.

विशेषताएँ

एक कंप्यूटर से दूसरे को शेयर संसाधन
फ़ाइलें बनाएँ और एक कंप्यूटर में स्टोर, नेटवर्क पर जुड़े अन्य कंप्यूटर (एस) से उन फ़ाइलों का उपयोग
नेटवर्क के भीतर एक कंप्यूटर के लिए एक प्रिंटर, स्कैनर, या एक फैक्स मशीन कनेक्ट और नेटवर्क के अन्य कंप्यूटर नेटवर्क पर उपलब्ध मशीनों का उपयोग करते हैं.
निम्नलिखित एक कंप्यूटर नेटवर्क स्थापना के लिए आवश्यक हार्डवेयर की सूची है.

1. नेटवर्क केबल्स
2. वितरक
3. राऊटर
4. आंतरिक नेटवर्क कार्ड
5. विदेश नेटवर्क कार्ड

टीमव्यूअर(Team Viewer): कहीं और से कंट्रोल करें अपना कंप्यूटर और स्मार्टफोन :

कम्प्यूटर उपयोग के फायदे और नुकसान

लाभ

निम्न सूची आज के क्षेत्र में कंप्यूटर के फायदे को दर्शाता है

हाई स्पीड

कंप्यूटर एक बहुत तेजी से उपकरण है.
यह बहुत बड़ा डेटा के अलावा प्रदर्शन करने में सक्षम है.
कंप्यूटर माइक्रोसैकेण्ड, nanosecond और भी पीकोसैकन्ड में गति की इकाइयों है.
एक ही काम करने के लिए कई महीनों से खर्च कर सकते हैं जो आदमी की तुलना में यह कुछ ही सेकंड में गणना के लाखों प्रदर्शन कर सकते हैं.

शुद्धता

बहुत तेजी से होने के अलावा, कंप्यूटर बहुत सही कर रहे हैं.
कंप्यूटर गणना 100% त्रुटि मुक्त प्रदर्शन किया गया है.
कंप्यूटर 100% सटीकता के साथ सभी नौकरियों प्रदर्शन.

भंडारण क्षमता

मेमोरी कंप्यूटर के एक बहुत महत्वपूर्ण विशेषता है.
कंप्यूटर मनुष्य की तुलना में बहुत अधिक भंडारण क्षमता है.
यह डेटा की बड़ी मात्रा में स्टोर कर सकते हैं.
यह ऐसे चित्र, वीडियो, पाठ, ऑडियो और किसी भी अन्य प्रकार के रूप में डेटा के किसी भी प्रकार के स्टोर कर सकते हैं.

परिश्रम

मनुष्य के विपरीत, एक कंप्यूटर एकरसता, थकान और एकाग्रता की कमी से मुक्त है.
यह किसी भी त्रुटि और बोरियत पैदा करने के बिना लगातार काम कर सकते हैं.
यह उसी गति और सटीकता के साथ दोहराया काम कर सकता है.

बहुमुखी प्रतिभा

एक कंप्यूटर एक बहुत बहुमुखी मशीन है.
एक कंप्यूटर के लिए किया जाना नौकरियों प्रदर्शन में बहुत लचीला है.
इस मशीन के विभिन्न विभिन्न क्षेत्रों से संबंधित समस्याओं को हल करने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.
एक पल में, यह एक जटिल वैज्ञानिक समस्या है और यह एक कार्ड खेल खेल हो सकता है अगले ही पल को हल किया जा सकता है.

विश्वसनीयता

एक कंप्यूटर एक विश्वसनीय मशीन है.
आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की विफलता मुक्त लंबे जीवन है.
कंप्यूटर रखरखाव आसान बनाने के लिए तैयार कर रहे हैं.

स्वचालन

कम्प्यूटर एक स्वचालित मशीन है.
स्वचालन स्वचालित रूप से कार्य करने के लिए क्षमता का मतलब है.
एक कार्यक्रम कंप्यूटर स्मृति में संग्रहीत कंप्यूटर यानी करने के लिए दिया जाता है एक बार, कार्यक्रम और शिक्षा मानव संपर्क के बिना कार्यक्रम के निष्पादन को नियंत्रित कर सकते हैं.

पेपर वर्क में कमी

एक संगठन में डाटा प्रोसेसिंग के लिए कंप्यूटर के उपयोग कागज काम और इस प्रक्रिया की गति में कमी आती है.
इलेक्ट्रॉनिक फ़ाइलों में डेटा के रूप में प्राप्त किए जा सकते हैं और जरूरत पड़ने पर, फ़ाइलों की बड़ी संख्या के रखरखाव की समस्या कम हो जाता है.

लागत में कमी

एक कंप्यूटर स्थापित करने के लिए प्रारंभिक निवेश अधिक है, लेकिन यह काफी हद तक अपने लेन – देन में से प्रत्येक की लागत कम कर देता है.

ऑडियो और विडियो के किसी भाग को अलग करे

नुकसान

निम्न सूची आज के क्षेत्र में कंप्यूटर के नुकसान को दर्शाता है.

कोई बुद्धि नहीं

एक कंप्यूटर एक मशीन है और किसी भी कार्य को करने के लिए अपनी खुद की कोई खुफिया है.
प्रत्येक और हर अनुदेश कंप्यूटर को दिया जाता है.
एक कंप्यूटर अपने दम पर कोई भी निर्णय नहीं ले सकते.

निर्भरता

यह इंसान पर पूरी तरह से निर्भर है user.So के निर्देशानुसार यह समारोह प्रदर्शन कर सकते हैं.

वातावरण

कंप्यूटर के ऑपरेटिंग वातावरण धूल मुक्त और इसे करने के लिए उपयुक्त होना चाहिए.

किसी से नहीं कोई लगाव

कम्प्यूटर नहीं लग रहा है या भावनाओं है.
यह एक इंसान के विपरीत लग रहा है, स्वाद, अनुभव और ज्ञान के आधार पर निर्णय नहीं कर सकता.
निम्न सूची आज के क्षेत्र में कंप्यूटर के विभिन्न अनुप्रयोगों को दर्शाता है.

ReplyForward

Author:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.