Mid Day Meal Scheme In Hindi : मिड डे मील योजना जानिए इसके बारे में

Mid Day Meal Scheme In Hindi इस स्कीम के तहत हर रोज करोड़ बच्चों को स्कूल में भोजन करवाया जाता है मिड डे मील स्कीम सेंट्रल गवर्नमेंट द्वारा चलाई गई एक स्कीम है जिसके जरिए स्कूल में पढ़ रहे छोटी आयु के बच्चों को पोषक भोजन खाने के लिए दिया जाता है ये स्कीम काफी सालों से हमारे देश में चल रही है और मिड डे मील योजना स्कीम को हर स्टेट के सरकारी स्कूलों में चलाया जा रहा है।

इस योजना को 2021-22 से 2025-26 तक पांच साल तक जारी रखने के लिए कुल 1.3 लाख करोड़ रुपये से अधिक का बजट आवंटित किया गया है मौजूदा मिड-डे मील योजना देश के सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में छात्रों को गर्म भोजन प्रदान करती है अब इसका नाम पीएम पोषण शक्ति निर्माण कर दिया गया है।

Mid Day Meal Scheme In Hindi : मिड डे मील योजना जानिए इसके बारे में

मिड डे मील योजना 2021

स्कीम का नाममिड डे मील (मध्याह्न भोजन योजना)
शुरुआतसाल 1995
किसने कीकेंद्र सरकार
संबंधित मंत्रालयमानव संसाधन विकास मंत्रालय
लाभार्थीसरकारी स्कूल के बच्चों के लिए
अधिकारिक वेबसाइटयहाँ क्लिक करें
टोल फ्री नंबर1800-180-8007

मिड डे मील योजना क्या है ?

केंद्र सरकार के द्वारा चलाई जा रही योजना का बारे में अगर बात करें तो यह एक सरकार की ओर से सरकारी स्कूल में सभी बच्चों को मध्यान्ह भोजन दिया जाता है, ताकि स्कूल में बच्चे रोजाना आयें और उन्हें पर्याप्त पोषण मिलता रहे इसकी के लिए सरकार ने मिड डे मील योजना की शुरुआत की है इस योजना के तहत सरकार बच्चों को शिक्षा के साथ ही स्वास्थ और पोषित बनाना चाहती है।

ताज़ा खबर मिड डे मील

इसका लाभ सरकारी स्कूल में पढने वाले छात्रों को दिया जाना है केंद्र सरकार द्वारा राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों को इस योजना के लिए एक हजार 200 करोड़ रूपये की राशि दी जाएगी इस योजना में दिया जाने वाला भोजन बच्चों की पोषण एवं उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करेगा इससे पहले सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने कहा था कि –“हम दूध की खपत बढ़ाने के लिए मिड – डे – मील योजना के तहत दूध को इसमें शामिल करने की योजना बना रहे हैं।

इस पर भी केंद्र सरकार द्वारा आलम किया गया था हालही में सरकार ने यह निर्णय लिया है कि वे इस योजना के तहत छात्रों को प्रत्यक्ष रूप से भी लाभ पहुँचाना चाहती है, यानि कि अब कक्षा 1 से कक्षा 8 तक के बच्चों के खाते में सीधे पैसे का स्थानांतरण किया जायेगा इसका लाभ 11 करोड़ 80 लाख छात्रों को लाभ पहुँचाने का का निश्चिय किया गया है. और इस प्रस्ताव के लिए मंजूरी भी दे दी गई है।

मिड दे मील योजना साप्ताहिक आहार तालिका

खानाकितना मात्रा में दिया जाएगा (ग्राम में)
चावल / गेहूं100 ग्राम, प्राथमिक कक्षा के बच्चों के लिए  150 ग्राम, छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए
दाल20 ग्राम, प्राथमिक कक्षा के बच्चों के लिए  30 ग्राम, छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए
सब्जियां50 ग्राम, प्राथमिक कक्षा के बच्चों के लिए 75 ग्राम, छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए
तेल और वसा5 ग्राम, प्राथमिक कक्षा के बच्चों के लिए  7.5 ग्राम, छठी से आठवीं कक्षा के बच्चों के लिए

मिड डे मील योजना के फायदे

काफी लंबे समय से ये स्कीम हमारे देश में चल रही है और काफी कामयाब भी साबित हुई है. इस स्कीम से बच्चों को कई सारे फायदे भी पहुंचे हैं।

  • इस स्कीम के लागू होने से कई ऐसे बच्चे हैं जिन्हें पेट भर खाना मिल पाया है और पोषित खाना मिलने से इन बच्चों का अच्छे से विकास भी हो पाया है।
  • आज भी हमारे देश के ग्रामीण इलाकों में लड़कियों की शिक्षा को लेकर काफी पिछड़ापन फैला हुआ है. लेकिन इस स्कीम के तहत बच्चों को मुफ्त में खाना खिलाया जाता है इसलिए इन लोगों ने अपनी लड़कियों को भी स्कूल भेजना स्टार्ट कर दिया है, ताकि उनकी बेट्टियों को खान मिल सके।
  • स्कूल में खाने मिलने के कारण बच्चों के परिवार वालों द्वारा इन्हें हर रोज स्कूल भी भेजा जाता है और ऐसा होने से बच्चे रोजाना स्कूल में उपस्थिति रहते हैं।

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मिड डे मील योजना के नुकसान

मिड डे मील खाने से जुड़ी हुई एक स्कीम है और इस मिल के द्वारा जो खाना बच्चों को दिया जाता है उसकी गुणवत्ता काफी खराब होती है पिछले कई सालों में देखा गया है कि इस स्कीम के तहत दिए जाने वाले खाने को खाने से कई बच्चों की मौत भी हो चुकी है साथ ही इस स्कीम को सही से चलाने के लिए जो पैसे सरकार द्वारा दिए जाते हैं उन पैसों का घोटला भी कर लिया जाता है और ऐसा होने से ना केवल बच्चों को घटिया खाना मिलता है बल्कि सरकार को भी काफी नुकसान होता है।

मिड डे मील स्कीम की वजह से हर दिन कई बच्चों को पेट भर खाना मिल पाता है और ऐसा होने से हमारे देश के गरीब बच्चे कुपोषण जैसे खतरनाक बीमारी का शिकार होने से बचे रहते है. साथ ही बच्चों का विकास भी अच्छे से हो पाता है।

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