लैब टेक्नीशियन कैसे बने? योग्यता, कार्य,कोर्स पात्रता,सिलेबस

लैब टेक्नीशियन कैसे बने? योग्यता, कार्य,कोर्स पात्रता,सिलेबस:
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मेडिकल के क्षेत्र में कैरियर के लिए अपार संभावनाएं होती है,विभिन्न स्तर पर कई सारी कोर्स मेडिकल क्षेत्र में करवाए जाते हैं इससे पहले हमने एक्स-रे टेक्नीशियन कैसे बने?योग्यता, कार्य,कोर्स पात्रता,सिलेबस कोर्स से संबंधित सारी जानकारियां पहले आर्टिकल में दिया गया है,जो भी x-ray एक्स-रे टेक्नीशियन कोर्स करना है या ये जानना चाहते है की एक्स-रे टेक्नीशियन कैसे बने? तो हमारे इस आर्टिकल से सारी जानकारियां प्राप्त कर सकते है।

मेडिकल क्षेत्र में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं, तो आज हम आपको एक और कोर्स के बारे में जानकारी देने वाले है, इस कोर्स को करके आप अच्छी खासी मोटी कमाई कर सकते हैं इसमें जॉब ऑप्शन बहुत ही अच्छा रहता है तो चलिए आज के इस आर्टिकल में मेडिकल क्षेत्र से संबंधित एक और कोर्स के बारे में जानकारी देने वाले हैं उस कोर्स का नाम है लैब टेक्नीशियन इस कोर्स में हम आपको लैब टेक्नीशियन क्या है? लैब टेक्नीशियन कैसे बने,कोर्स,सिलेबस से संबंधित सारी जानकारियां आपको देने वाले हैं।

उम्मीद करते हैं कि लैब टेक्नीशियन कैसे बने इनकी सारी जानकारियां आपको मिल गई होगी यदि आपको किसी भी प्रकार की समस्या इस कोर्स से संबंधित आ रही है तो आप हमें कमेंट करके बता सकते हैं हम उम्मीद करेंगे कि आपके इस प्रश्न का जवाब जल्द से जल्द दे सके:

लैब टेक्नीशियन क्या है?

लैब टेक्नीशियन कोर्स पैरामेडिकल कोर्स के अंतर्गत आता है, यह कोर्स आप 10th,12th एवं ग्रेजुएशन के बाद कर सकते हैं, इस कोर्स को करने के लिए 12th में आपका बायो सब्जेक्ट रहना अनिवार्य होता है, लैब टेक्नीशियन कोर्स में पैथोलॉजी,माइक्रोबायोलॉजी,ब्लड बैंकिंग बायोकेमिस्ट्री इत्यादि विषय पढ़ाए जाते हैं यह सब्जेक्ट सिर्फ किताबी ज्ञान ही नहीं होता साथ में इसका प्रैक्टिकल भी करवाया जाता है।

लैब टेक्नीशियन कोर्स को क्लिनिकल साइंस कोर्स भी कहा जाता है।

लैब टेक्नीशियन कोर्स को करने के बाद आपको एक प्रमाण पत्र मिल जाता है,जिसमें आप मेडिकल लैब टेक्नीशियन या मेडिकल लैब टेक्नोलॉजीस्ट बन जाते हैं इस कोर्स को करने के लिए आपको NEET क्लियर करने की जरूरत नहीं होती है इस कोर्स का एडमिशन १२थ के प्राप्तांको से लिए जाते है,

लैब टेक्नीशियन कोर्स में आपको निम्नलिखित विषय पढ़ाएं जाते हैं:

  • एनाटोमी
  • पैथोलॉजी
  • माइक्रोबायोलॉजी
  • बायोकेमिस्ट्री
  • फार्माकोलॉजी
  • स्टेटिस्टिक्स
  • कम्युनिटी मेडिसिन
  • फिजियोलॉजी

लैब टेक्नीशियन के कार्य:

एक मेडिकल लैब टेक्नीशियन का कार्य मनुष्य के अंदर होने वाली बीमारियों का पता लगाना होता है,किसी व्यक्ति के अंदर किसी भी प्रकार की बीमारी हो तो सबसे पहले डॉक्टर उनको लैब में ब्लड टेस्ट करवाने की सलाह देते हैं यह ब्लड टेस्ट का काम लैब टेक्नीशियन के द्वारा किया जाता है टेस्ट के आधार पर ही डॉक्टर उस बीमारी का ट्रीटमेंट करते हैं लैब टेक्नीशियन ह्यूमन बॉडी का सेल काउंट करना,टीसू, बल्ड टाइपिंग,बॉडी फ्लूड्स,माइक्रोऑर्गेनिज्म स्क्रिनिंग, केमिकल एनालिसिस आदि जांचे व उनका विश्लेषण करते हैं। लैब टेक्नीशियन, सैम्पल, टेस्ट, रिपोर्ट और डॉक्यूमेंट आदि काम करते हैं।

लैब टेक्निशियन कोर्स:

लैब टेक्निशियन बनने के लिए आपके पास तीन तरह के कोर्सेज उपलब्ध हैं, जिनके बारे में नीचे विस्तार से बताया गया है:

मेडिकल लैब टेक्निशियन में डिप्लोमा:


लैब टेक्निशियन बनने के लिए डिप्लोमा कोर्सेज की सूची नीचे दी गई है:

  • ECG ईसीजी प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा (Diploma in ECG Technology)
  • मेडिकल इमेजिंग टेक्नोलॉजी डिप्लोमा (Medical Imaging Technology Diploma)
  • DMLT (डिप्लोमा इन मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी) (DMLT (Diploma in Medical Laboratory Technology)
  • रेडियोग्राफी प्रौद्योगिकी डिप्लोमा (Radiography Technology Diploma)
  • CVT सीवीटी तकनीशियन डिप्लोमा (CVT Technician Diploma)
  • चिकित्सा प्रयोगशाला सहायकों में डिप्लोमा (Diploma in Medical Laboratory Assistants)
  • नैदानिक ​​विश्लेषण में डिप्लोमा (Diploma in Clinical Analysis)
  • प्रयोगशाला तकनीकों में प्रमाणपत्र (सीपीएलटी) चपलत (Certificate in Laboratory Techniques (CPLT)
  • मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी में सर्टिफिकेट कोर्स (CMLT) Certificate course in Medical Laboratory Technology (CMLT)

मेडिकल लैब टेक्निशियन में बैचलर्स:


लैब टेक्निशियन बनने के लिएबैचलर डिग्री कोर्सेज की सूची नीचे दी गई है:

  • एक्स-रे प्रौद्योगिकी बीएससी (X-Ray Technology BSc)
  • बीएससी मेडिकल इमेजिंग टेक्नोलॉजी (BSc Medical Imaging)
  • बैचलर ऑफ मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी (बीएमएलटी) (Bachelor Of Medical Laboratory Technology (BMLT)
  • बीएससी ईसीजी और कार्डियोवैस्कुलर टेक्नोलॉजी (BSc ECG and Cardiovascular Technology)
  • बीएससी नैदानिक ​​प्रयोगशाला प्रौद्योगिकी (BSc Clinical Laboratory Technology)

मेडिकल लैब टेक्निशियन में मास्टर्स:


लैब टेक्निशियन बनने के लिए मास्टर डिग्री कोर्सेज की लिस्ट नीचे दी गई है:

  • एमएससी चिकित्सा प्रयोगशाला (MSc. Medical Laboratory)
  • चिकित्सा प्रयोगशाला प्रौद्योगिकी के मास्टर (Master of Medical Laboratory Technology)
  • एमएससी चिकित्सा इमेजिंग प्रौद्योगिकी (M.Sc. Medical Imaging Technology)
  • एक्स-रे प्रौद्योगिकी एमएससी (X-Ray Technology M.Sc.)
  • एमएससी ईसीजी और सीवीटी (MSc. ECG and CVT)

इम्यूनोलॉजी:

इम्यूनोलॉजी माइक्रोबायोलॉजी का एक जरूरी हिस्सा है, क्योंकि कुछ प्रमुख खतरनाक बीमारियां जो मानव शरीर में बैक्टीरिया वायरस और अन्य सूक्ष्मजीवों के कारण होती है इम्यूनोलॉजी बायोलॉजी और मेडिसिन की एक ब्रांच है इम्यूनोलॉजी इन रोगों के इलाज के लिए विकसित करने और इन बीमारियों की रोकथाम के लिए टीकाकरण का काम करने के साथ-साथ जीवो से होने वाले नुकसान को रोकने में अपनी बहुत बड़ी भूमिका अदा करता है।

क्लीनिकल पैथोलॉजी:

लैब टेक्नीशियन कोर्स करने वाले छात्रों के लिए यह एक महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं क्लीनिकल पैथोलॉजी जिसमें शारीरिक तरल पदार्थ जैसे ब्लड,यूरीन कफ की रसायन विज्ञान,सूक्ष्म जीव विज्ञान,रुधिर विज्ञान और आणविक विकृति विज्ञान के आधार पर प्रयोगशाला विश्लेषण कर डिजीज का डायग्नोसिस करने में मदद करते हैं क्लीनिकल पैथोलॉजी एक मेडिकल स्पेशलिस्ट होता है।

माइक्रोबायोलॉजी:

यह अनुशासन जैव रसायन और विकृति विज्ञान के विभिन्न अनुसंधान क्षेत्रों का एक प्रमुख हिस्सा है।सूक्ष्म जीव विज्ञान की यह शाखा एककोशिकीय, सूक्ष्म जानवरों के समूह, वायरस, बैक्टीरिया और कवक सहित सूक्ष्मजीवों के अध्ययन को देखती है।

बायोकेमिस्ट्री:

रसायन विज्ञान का यह क्षेत्र जैविक प्रक्रिया के विभिन्न रासायनिक पहलुओं को देखता है।वह विज्ञान जिसमें जीव के शरीर में होने वाली रासायनिक अभिक्रियाओं तथा तत्सम्बन्धी रासायनिक यौगिकों का अध्ययन किया जाता है।

लैब टेक्निशियन के लिए योग्यता:

लैब टेक्निशियन बनने के लिए कोर्सेज के अनुसार अलग-अलग योग्यता है, जैसे- डिप्लोमा, बैचलर्स, मास्टर्स।

डिप्लोमा कोर्स के लिए योग्यता:

लैब टेक्निशियन के डिप्लोमा कोर्स में एडमिशन लेने के लिए छात्रों को साइंस स्ट्रीम से 12th न्यूनतम 50% से 60% के साथ पास होनी जरूरी है।

बैचलर डिग्री कोर्स के लिए योग्यता:

  • छात्रों को साइंस बायोलॉजी स्ट्रीम से 12th न्यूनतम 50% से 60% के साथ पास होनी जरूरी है।
  • भारत में Bachelor in Medical Laboratory Technology (BMLT) कोर्स में एडमिशन, स्टूडेंट के 12th केअंकों के आधार पर दिया जाता है। हालांकि, AIIMS और PGIMER जैसे टॉप संस्थान में एडमिशन लेने के लिए कुछ नेशनल लेवल के और राज्य स्तर के एंट्रेंस एग्जाम पास करना होगा। विदेश में एडमिशन लेने के लिए कोई स्पेसिफिक एंट्रेंस एग्जाम नहीं है।
  • कुछ इंडियन कॉलेज एडमिशन के लिए स्पेसिफिक आयु की भी मांग करते हैं।
  • विदेश में एडमिशन लेने के लिए अंग्रेजी भाषा दक्षता के लिए IELTS या TOEFL स्कोर की भी आवश्यकता होती है।
  • विदेश में एडमिशन के लिए SOP, LOR, CV/Resume और Portfolio भी जरूरी होते हैं।

मास्टर डिग्री कोर्स के लिए योग्यता:

  • छात्रों को साइंस स्ट्रीम से 12th न्यूनतम 50% से 60% के साथ पास होनी जरूरी है।
  • भारत और विदेश में मास्टर डिग्री में एडमिशन लेने के लिए कैंडिडेट ने Bachelor in Medical Laboratory Technology या अन्य rसम्बंधित क्षेत्र में बैचलर प्राप्त की हो।
  • विदेश में मास्टर डिग्री में एडमिशन लेने के लिए GMAT/GRE स्कोर जरुरी है।
  • अंग्रेजी भाषा दक्षता के लिए IELTS या TOEFL स्कोर की भी आवश्यकता होती है।
  • विदेश में एडमिशन लेने के लिए SOP, LOR, CV/Resume और Portfolio भी जरूरी होते हैं।

कोर्स के बाद जॉब:

लैब टेक्नीशियन कोर्स करने के बाद जॉब की अपार संभावनाएं होती है, इस कोर्स को कर लेने के बाद आप किसी प्राइवेट हॉस्पिटल में जॉब आपको आसानी से मिल जाता है,प्राइवेट हॉस्पिटल में भी अच्छी खासी सैलरी मिल जाती है,govt जॉब की अपार संभावनाएं होती है,यह क्षेत्र चिकित्सा विज्ञान में अनुसंधान का हिस्सा रहा है, जिसके कारण लैब प्रौद्योगिकी में अधिक करियर संभावनाओं की मांग हुई है।

लैब टेक्नीशियन कोर्स करने के बाद लोकप्रिय जॉब प्रोफाइल, यह हैं:

  • सिस्टम एनालिस्ट
  • हेल्थकेयर एडमिनिस्ट्रेटर
  • मेडिकल तकनीशियन
  • लैब असिस्टेंट मैनेजर

उम्मीद करते हैं कि लैब टेक्नीशियन कैसे बनी इनकी सारी जानकारियां आपको मिल गई होगी यदि आपको किसी भी प्रकार की समस्या इस कोर्स से संबंधित आ रही है तो आप हमें कमेंट बॉक्स में बता सकते हैं।