इस तरह से पता करे की कहीं आप प्रेग्नेंट है? या फिर नहीं

मां बनना एक खूबसूरत एहसास होता है,खास तौर पर पहली बार मां बनने से पहले कई प्रकार के सवाल एवं आकांक्षाएं उत्पन्न होती है आप प्रेग्नेंट है या नहीं इसका पता प्रेगनेंसी टेस्ट करके आप प्रेग्नेंट है या नहीं इसके बारे में जान सकते हैं, इसके अलावा और भी लक्षण है जिसके आधार पर आप यह समझ सकती हैं की आप प्रेग्नेंट है या नहीं उदाहरण के लिए पीरियड का मिस हो जाना।

लेकिन कई बार बॉडी में हार्मोनल चेंज के कारण भी पीरियड्स मिस हो जाते हैं या लेट हो जाते हैं. फिर आप कैसे पता करेंगी कि आप प्रेग्नेंट हैं या नहीं वही पीरियड के मिस होने से पहले भी कई प्रकार बदलाव बॉडी में देखने को मिलता है पीरियड मिस हो जाने को नॉर्मल लेते हैं और टेस्ट ना करवाने पर लापरवाही होने पर कॉम्प्लिकेशन हो जाते हैं इन सारी समस्याओं से बच्चे ने के लिए यहां कुछ लक्षण है जिसे टेस्ट से पहले आप समझ सकती हैं कि आप प्रेग्नेंट है या नहीं।

इस तरह से पता करे की कहीं आप प्रेग्नेंट है? या फिर नहीं
इस तरह से पता करे की कहीं आप प्रेग्नेंट है? या फिर नहीं 2

ये निम्नलिखित लक्षण बताते है की आप प्रेग्नेंट है या नहीं –

शरीर के अंगों में बदलाव – प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर में हार्मोन चेंजिंग के कारण कई प्रकार के बदलाव देखने को मिलते हैं गर्भावस्था के दौरान शरीर में एस्ट्रोजेन और प्रोजेस्टेरॉन हार्मोन का उत्पादन बढ़ जाता है शरीर के कई अंगों को आकार में बदलाव होते हैं जैसे कि स्तन और कूल्हों में सबसे पहले बदलाव देखने को मिलता है।

उल्टी आना या जी मिचलाना – प्रेगनेंसी के दौरान सुबह उठते ही, दिन के किसी भी वक्त या रात में जी मिचलाना या उल्टी आना भी प्रेग्नेंसी का लक्षण है।शुरुआती 3 महीने उल्टी आती है खासतौर से सुबह के समय इसलिए ऐसा होता है क्योंकि प्रेगनेंसी के दौरान शरीर में हार्मोन की मात्रा बढ़ जाती है इसी के कारण बार बार उल्टी,कब्ज और एसिडिटी होती है एस्ट्रोजेन हार्मोन के कारण प्रेग्नेंट महिला को किसी खास महक से भी उल्टी आ सकती है

हल्का बुखार होना – प्रेग्नेंसी के दौरान शरीर का तापमान बढ़ना भी एक तरह का ऐसा ही रिएक्शन है शरीर में बाहर से कुछ भी आता है तो इसका रिएक्शन देखने को मिलता है गर्भवती के दौरान आपको आपके शरीर में हल्की हरारत मासूम हो सकती है बुखार आने की एक और वजह यह भी हो सकती है कि प्रेग्नेंट होने पर शरीर की इम्यूनिटी घट जाती है ऐसा इसलिए होता है ताकि आपका प्रतिरक्षा तंत्र भ्रूण को खतरा समझ कर के उसे रिजेक्ट ना करने लगे इसलिए इस दौरान दूसरे इंफेक्शन की वजह से भी बुखार आ सकता है।

पेट में दर्द होना – प्रेग्नेंसी के दौरान कुछ महिलाओं को शुरुआत में हल्का पेट में दर्द भी महसूस होता है वही हर्मोंस में बदलाव होने की वजह से दस्त और कब्ज की शिकायत हो सकती है।

बार बार बॉडी में थकान होना – गर्भावस्था के दौरान शरीर के भीतर कई हार्मोनल और शारीरिक बदलाव होते हैं भ्रूण का विकास हो सके इसलिए दिल की धड़कन तेज हो जाती है और रक्त का प्रवाह ही बढ़ जाता है इसीलिए प्रेगनेंसी में महिलाओं को थकान महसूस होती है इस समय प्रोजेस्ट्रोन का उत्पादन बढ़ जाता है जिसके कारण शरीर में थकान महसूस होती है।

पीरियड का मिस होना – यदि आप बच्चे पैदा करने की उम्र में है और आपका मासिक धर्म मिस हो गया है तो इसकी वजह प्रेगनेंसी हो सकती है हालांकि पीरियड मिस होने की कई और भी वजह होती है जिसके कारण पीरियड सही समय पर नहीं आता है स्ट्रेस या हार्मोंस में उतार-चढ़ाव के कारण भी पीरियड मिस होने की वजह हो सकती है यदि आपका पीरियड मिस हो गया है तो इसे नजर अंदाज ना करें मार्केट में प्रेगनेंसी चेक करने के लिए कई प्रकार के टेस्ट उपलब्ध है आप बाजार से प्रेगनेंसी किट ला करके आप प्रेग्नेंट है या नहीं इसे चेक कर सकते हैं।

बार बार पेशाब जाना – प्रेग्नेंसी का शुरुआती लक्षण आपको बार बार पेशाब लगना प्रेग्नेंसी के शुरुआती लक्षण हो सकता है यदि आप बार-बार पेशाब जा रहे हैं तो यह प्रेगनेंसी के लक्षण हो सकते हैं वैसे बार बार पेशाब लगना यह हार्मोंस में उतार-चढ़ाव के कारण या फिर पानी कम पीने की वजह से भी हो सकता है यदि आपका पीरियड मिस हो गया है और आपको बार-बार पेशाब जाने की जरूरत पड़ रही है ऐसे में हो सकता है कि आप प्रेग्नेंट हो इसके लिए आप बाजार से प्रेग्नेंसी किट लाकर आप प्रेग्नेंट है या नहीं इसे चेक कर सकते है।

बार बार मुद में बदलाव आना – गर्भावस्था के दौरान शरीर में कई प्रकार के बदलाव देखने को मिलते हैं इसमें से गर्भवती महिलाये कभी -कभी ज्यादा से ज्यादा खुश हो जाती हैं तो कभी बिना बात के ही उदास हो जाती है मूड पर बदलाव होना यह भी प्रेग्नेंसी के लक्षण हो सकते हैं।

यहां बताए ज्यादातर लक्षणों की वजह प्रेग्नेंसी हो ये जरूरी नहीं। कई और वजहों से भी शरीर में ऐसे बदलाव दिख सकते हैं। आप बच्चे पैदा करने की उम्र में हैं और फैमिली प्लानिंग की है तो इन लक्षणों से हिंट ले सकती हैं। इसके अलावा प्रेगनेंसी टेस्ट करके प्रेग्नेंसी की जाँच करनी चाहिए या फिर डॉक्टर से मिलना चाहिए ताकि आप यह जान पायें कि आप प्रेग्नेंट हैं या नहीं।

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