जाने दिनभर में कितनी बार हाथों को धोना सही है :बार-बार हाथ धोना बीमारी तो नहीं? लिक्विड या साबुन, हाथ धोने के लिए क्या बेहतर

बार-बार हाथ धोना बीमारी तो नहीं? लिक्विड या साबुन, हाथ धोने के लिए क्या बेहतर

खाना खाने से पहले हाथ अच्छे से धोने चाहिए, ये नसीहत बचपन से ही मिलती रही है। लेकिन भाग-दौड़ भरी जिंदगी में इस बात का ख्याल नहीं रहता कि हमने हाथ धोए या नहीं। एक तरफ ऑफिस में कंप्यूटर पर उंगलियां चलती हैं और दूसरे ही पल उन्हीं हाथों से स्नैक्स भी खाते रहते हैं। तब हमें पता भी नहीं चलता कि अनजाने में ही हानिकारक बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर गए|

IMAGE 21 1
जाने दिनभर में कितनी बार हाथों को धोना सही है :बार-बार हाथ धोना बीमारी तो नहीं? लिक्विड या साबुन, हाथ धोने के लिए क्या बेहतर 10

वर्ल्ड हैंड हाइजीन डे पर आज हाथों की साफ-सफाई पर बात कितनी बार हाथ धोएं

हाथ धोने से बैक्टीरिया का संक्रमण नहीं होता है। फ्लू और फूड पॉइजनिंग से भी बचे रहते हैं। लेकिन आपसे पूछा जाए कि आप दिनभर में कितनी बार हाथ होते हैं? 5, 10, 15 बार या उससे अधिक आपने इस पर ध्यान नहीं दिया होगा जवाब ये है कि हर दिन एवरेज लोग 8-10 बार हाथ धोते हैं। खाना खाने से पहले और टॉयलेट जाने के बाद तो यह जरूरी रहता है। लेकिन क्या इससे हाथों की साफ-सफाई पूरी हो जाती है?

दुनिया में 130 साल पहले हैड को एक ट्रीटनेटकेप किया गया था लेकिन लोगों ने इसे लेकर जागरूकता नहीं है जबकि महज 20 सेकेण्ड हाँथ धोने से 80 % बिमारियों का खतरा कम हो जाता है |

डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. बताते हैं कि हाथ कितनी बार धोना चाहिए, यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप कौन सा काम करते हैं। जो किचन में खाना पकाते हैं, छोटे बच्चों की देखभाल करते हैं वो दूसरों के मुकाबले ज्यादा हाथ धोते हैं। इसी तरह मवेशी पालने वाले, फैक्ट्री में काम करने वाले को ऑफिस में काम करने वालों से ज्यादा हाथ धोना पड़ता है। किसी अस्पताल में काम करने वाली नर्स और डॉक्टर को दिन में कई बार हाथ धोना पड़ता है।

IMAGE 22
जाने दिनभर में कितनी बार हाथों को धोना सही है :बार-बार हाथ धोना बीमारी तो नहीं? लिक्विड या साबुन, हाथ धोने के लिए क्या बेहतर 11

हाथों को कैसे धोते हैं, ये जरूरी

डॉ.बताते हैं कि जब आप उन चीजों को छूते हैं जिनमें बैक्टीरिया होने की आशंका हो तो हाथ धोना चाहिए। लेकिन यह भी जरूरी है कि आप हाथ कैसे धोते हैं। अगर ठीक से हाथ नहीं धोते हैं तो उसका कोई फायदा नहीं और इन्फेक्शन होने का खतरा बना रहता है।

  • Unveiling the Top Affordable Universities in Australia for 2024

    Unveiling the Top Affordable Universities in Australia for 2024

    Introduction: In the pursuit of quality education within budget constraints? Explore our guide to the best affordable universities in Australia for 2024. Each institution not only provides a cost-effective education but also ensures academic excellence, preparing you for a successful future without compromising your financial stability. University of Newcastle: Introduction: Nestled in New South Wales,…


  • Top 5 Universities in Canada: A Comprehensive Overview

    Top 5 Universities in Canada: A Comprehensive Overview

    University of Toronto Introduction: Established in 1827, U of T is a globally renowned institution known for its extensive research initiatives and diverse academic programs. Facts and Figures: Ranked among the top 25 universities worldwide. Offers over 700 undergraduate and 200 graduate programs. Pros: Strong emphasis on research. Broad spectrum of academic offerings. Cons: Competitive…


  • Earning Money from Digital Platforms Without Investment: A Comprehensive Guide

    Earning Money from Digital Platforms Without Investment: A Comprehensive Guide

    Introduction: In today’s digital age, opportunities to earn money without investment on digital platforms have burgeoned. Here’s how you can leverage these avenues: Ways to Earn Without Investment: Freelancing: Offer your skills on platforms like Upwork, Fiverr, or Freelancer. Content Creation: Start a blog, YouTube channel, or podcast on subjects you’re passionate about. Affiliate Marketing:…


गर्म पानी से 10 सेकेंड हाथ धोना भी सेफ

हाथ धोने के लिए लंबे समय तक मिट्टी और राख का इस्तेमाल किया जाता रहा। फिर साबुन और लिक्विड सोप का ट्रेड हुआ। अब सैनिटाइजर और टिश्यू हैंडवॉश का चलन है। डॉक्टर बताते हैं कि 20 से 30 सेकेंड तक हाथ धोना भी पर्याप्त है। इससे हाथ कीटाणु रहित हो जाते हैं। जर्नल ऑफ फूड प्रोटेक्शन में छपी एक रिपोर्ट के अनुसार, अगर 10 सेकेंड के लिए गर्म पानी में हाथ रखते हैं तो इससे भी हानिकारक बैक्टीरिया खत्म हो जाते हैं।

लिक्विड हैंडवॉश से भी नहीं हटते बैक्टीरिया

कई लोग लोशन या लिक्विड हैंडवॉश का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन यह भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं। इसके इस्तेमाल से हाथमॉइस्चराइज हो जाते हैं। ड्राई स्किन को राहत मिलती है। बावजूद हाथ में बैक्टीरिया रह जाते हैं। सबसे बेहतर तरीका है साबुन से हाथ धोना। हालांकि इस्तेमाल किए गए साबुन को कोई दूसरा प्रयोग में न लाए, इसका ध्यान रखना चाहिए। मिट्टी या राख सै हाथ नहीं धोना चाहिए। मिट्टी में कीटाणु छुपे रहते हैं जो हाथों में चिपक जाते हैं। इसलिए जरूरी है कि शौच के बाद साबुन से ही हाथ धोएं। डॉ. बताते हैं कि हैंडवॉश का सही तरीका पता होना चाहिए।

ये तरीके क्या हो सकते हैं, आइए जानते हाथ धोने का क्या है तरीका

क्या हाथ मिलाने के बाद भी हाथ धोना चाहिए

डॉ. बताते हैं कि दो तरीके के हैंडवॉश होते हैं एक कॉमन और दूसरा मेडिकल प्रोफेशनल्स का हैंडवॉश डॉक्टर और नर्स मरीज को छूते हैं, मरीज के कपड़ों, दवा के संपर्क में आते हैं। इससे उनमें इन्फेक्शन का खतरा होता है। इसलिए डॉक्टर कई बार हँडवॉश करते हैं। डॉ. कहते हैं कि किसी से हाथ मिलाने पर जरूरी नहीं कि उसी समय हाथ धो लिया जाए। लेकिन इस बात का ध्यान रखना होगा कि हाथ मिलाने के बाद अपने हाथों से चेहरे को न छुएं, नाक न साफ करें या फिर कुछ खा न लें। ऐसा करने पर इन्फेक्शन फैल सकता है।

  • Unveiling the Top Affordable Universities in Australia for 2024

    Unveiling the Top Affordable Universities in Australia for 2024

    Introduction: In the pursuit of quality education within budget constraints? Explore our guide to the best affordable universities in Australia for 2024. Each institution not only provides a cost-effective education but also ensures academic excellence, preparing you for a successful future without compromising your financial stability. University of Newcastle: Introduction: Nestled in New South Wales,…

  • Top 5 Universities in Canada: A Comprehensive Overview

    Top 5 Universities in Canada: A Comprehensive Overview

    University of Toronto Introduction: Established in 1827, U of T is a globally renowned institution known for its extensive research initiatives and diverse academic programs. Facts and Figures: Ranked among the top 25 universities worldwide. Offers over 700 undergraduate and 200 graduate programs. Pros: Strong emphasis on research. Broad spectrum of academic offerings. Cons: Competitive…

  • Earning Money from Digital Platforms Without Investment: A Comprehensive Guide

    Earning Money from Digital Platforms Without Investment: A Comprehensive Guide

    Introduction: In today’s digital age, opportunities to earn money without investment on digital platforms have burgeoned. Here’s how you can leverage these avenues: Ways to Earn Without Investment: Freelancing: Offer your skills on platforms like Upwork, Fiverr, or Freelancer. Content Creation: Start a blog, YouTube channel, or podcast on subjects you’re passionate about. Affiliate Marketing:…

क्या बार-बार हाथ धोना भी बीमारी है

कुछ लोगों को बार-बार हाथ धोने का मन होता है। इसलिए वे दिनभर हाथ धोते रहते हैं। कोविड के दौरान लोगों में ये आदत अधिक बनी लेकिन ऐसा करने से आपकी स्किन को नुकसान हो सकता है। जिन लोगों की बहुत ज्यादा हाथ धोने का मन करता है उन्हें ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (OCD) नाम की बीमारी होती है। ब्रिटिश जर्नल ऑफ डर्मेटोलॉजी की एक रिसर्च के अनुसार, हाथ धोने के फायदे होते हैं। लेकिन ज्यादा हाथ धोने की वजह से हाथों में सूजन, रैशेज, खुजली और जलन जैसी समस्या देखी जा रही है। डॉ. गोयल बताते हैं कि बार-बार हाथ धोने से स्किन नमी खो देती है। स्किन रूखी और बेजान हो जाती है। अगर ये आदत लगातार बनी रहती है तो इससे डर्मेटाइटिस होने की आशंका बढ़ जाती है।

हाथ साफ नहीं करने से कौन-कौन सी बीमारियां होती हैं

अगर आपने हाथ नहीं धोए और दरवाजे का हैंडल पकड़ा है तो इस बात की आशंका अधिक रहती है कि कीटाणु से दूसरे लोग भी संक्रमित हो जाएं। हैंडवॉश नहीं करने से सबसे तेजी से नोरो वायरस फैलता है। इससे गैस्ट्रोएंटोराइटिस होने का खतरा रहता है। डायरिया, उल्टी, पेट दर्द होने लगता है। सांस से जुड़ी बीमारियां भी हो सकती है।

हाथ धोना ही नहीं, ठीक से सुखाना भी जरूरी

जितना हाथ धोना जरूरी है उतना ही ठीक सुखाना भी बैक्टीरिया भीगे हाथों में बने रह सकते हैं। आजकल हॉट एयर हैंड ड्रायर और क्लॉथ रोलर टॉवल का इस्तेमाल बढ़ा है लेकिन ये घरों में प्रयोग में लाए जाने वाले तौलिए से ज्यादा हाइजीनिक नहीं होते। एयर हैंड ड्रायर में डस्ट और बैक्टीरिया छुपे होते हैं। इनका इस्तेमाल करने पर ये डस्ट और बैक्टीरिया हवा में तैरने लगते हैं। फिर ये सांसों के जरिए हमारे फेफड़ों में चले जाते हैं। इसलिए सूखे तौलिये से हाथ पोलना बेहतर है।

अगर आपको यह स्टोरी अच्छी लगी हो तो से शेयर जरूर करें और इसी तरह के अन्य लेख पढ़ने के लिए जुड़ी रहें आपकी अपनी वेबसाइट trickhindi.in के साथ आपका इस बारे में क्या ख्याल है हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं।

Leave a Comment