गुप्त रोग क्या है? गुप्त रोग का घरेलु इलाज – Gupt Rogon Ka Gharelu Ilaj

गुप्त रोग क्या है? गुप्त रोग का घरेलु इलाज - Gupt Rogon Ka Gharelu Ilaj
गुप्त रोग क्या है? गुप्त रोग का घरेलु इलाज - Gupt Rogon Ka Gharelu Ilaj 2

Gupt Rogon Ka Gharelu Ilaj आज हम बात करने वाले हैं गुप्त रोग संबंधी बीमारियों के बारे में यौन संबंधों के माध्यम से फैलने वाली बीमारियों को गुप्त रोग कहा जाता है स्केबीज, दाद और जुए भी यौन संबंध से फैल सकते हैं इसलिए इन रोगो और यौन रोगों में साफ-साफ फर्क करने की जरूरत है ऐसी बीमारियां जो लगभग हमेशा सिर्फ यौन संबंध से ही फैलते हैं उन्हें यौन रोग कहते हैं।

यौन रोग या STD/STI से रोग होते हैं जो यौनसंपर्क से होते हैं आप कैसे सेक्स करते हैं उस हिसाब से आपको अलग-अलग यौन रोग का खतरा हो सकता है कुछ यौन रोग जैसे गोनोरिया और क्लैमेडिया शरीर से निकलने वाले तरल पदार्थों जैसे सीमन एनल या योनि के पानी से हो सकता है और कई यौन रोग कैसे सिफ़िलिस या हर्पिज़ त्वचा की त्वचा को छूने से होता है।

कई बार बिना किसी दिखाने वाले असर के भी हो सकता है बेहतर होगा कि आप अपने पार्टनर से इस बारे में बात करें आप और वह कब आखरी बार या यौन रोग की जांच के लिए गए थे या सेक्स करने से पहले अपनी जांच करा ले बस इतना ध्यान रखें यौन रोग होने का मतलब नहीं कि आप लापरवाह हैं अधिकतर व्यक्तियों को अपने जीवन में कभी ना कभी यौन रोग होता है और अधिकतर का इलाज का असर को काबू करना आसान है।

गुप्त रोगों का घरेलू इलाज

ट्राइकोमोनियासिस : अशिक्षा, गरीबी, शर्म के कारण महिलाएं अक्सर प्रजनन अंगों के रोगों का इलाज कराने से इंकार कर देती हैं। प्रजनन अंगों के संक्रमण से एड्स जैसी खतरनाक बीमारी भी हो सकती है। ट्राइकोमोनिएसिस का इलाज मेट्रोनिडाजोल नामक दवा से किया जाता है, जिसे निगला जाता है और जेल के रूप में लगाया जाता है, लेकिन डॉक्टर की सलाह पर ही दवा लें।

हर्पीज : कई बार इस रोग से ग्रसित स्त्री-पुरुष को मालूम ही नहीं पड़ता कि उन्हें यह रोग है भी यौन अंगों व गुदाक्षेत्र में खुजली, पानी भरे छोटे-छोटे दाने, सिरदर्द, पीठदर्द, बार-बार फ्लू होना आदि के इसके लक्षण होते हैं. यह रोग हर्पीज सिंपलेक्स से ग्रसित व्यक्ति के साथ शारीरिक संबंध बनाने से होता है इसमें 2 प्रकार के वायरस होते हैं।

सैप्सिस : पुरुषों में पेशाब करते वक्त जलन, खुजली, लिंग पर घाव आदि समस्याएं हो जाती हैं यह रोग ट्रेपोनेमा पल्लिडम नामक जीवाणु से पैदा होता है. योनिमुख, योनि, गुदाद्वार में बिना खुजली के खरोंचें हो जाती हैं. महिलाओं को तो पता ही नहीं चलता है।

गोनोरिया : इस बीमारी में यौनस्राव में बदलाव होता है पीले रंग का बदबूदार स्राव निकलता है कई बार योनि से खून भी निकलता है गर्भवती महिला के लिए यह बहुत घातक रोग होता है प्रसव के दौरान बच्चा जन्म नली से गुजरता है, ऐसे में मां के इस बीमारी से ग्रस्त होने पर बच्चा अंधा भी हो सकता है यह रोग महिलाओं में सूजाक, नीसेरिया नामक जीवाणु से होता है यह स्त्री के प्रजनन मार्ग के गीले क्षेत्र में आसानी से बड़ी तेजी से बढ़ता है इसके जीवाणु मुंह, गले, आंख में भी फैल जाते हैं।

स्तंभन दोष : सेक्स में कम रुचि, सेक्स ड्राइव या कामेच्छा का न होना कभी-कभी जिसे नपुंसकता कहा जाता है सेक्स के लिए लिंग के खड़े होने और खड़े रहने में समस्या होना शीघ्र स्खलन (शीघ्रपतन), सेक्स के दौरान जल्दी इच्छा से पहले या सामान्य समय से पहले लिंग का स्खलन संकोची स्खलन या मंद स्खलन, जब आदमी का लिंग स्खलन धीमा हो रेट्रग्रेड इजैक्यूलेशन, जहां वीर्य स्खलन लिंग के मुँह से बाहर आने के बजाय मूत्राशय में चला जाता है।

आज के इस वर्त्तमान दौर में लगभग 10 में से 1 पुरुष यौन समस्याओं का अनुभव करते हैं शराब सम्बंधित दिशानिर्देशों का कढ़ाई से पालन करना धूम्रपान छोड़ना तनाव से बचना अधिक आराम चिंताओं या समस्याओं के बारे में अपने साथी से बात करना आदि को अपनाकर इसे कम कर सकते हैं इस तरह की समस्याओं को स्वास्थ्य की देखभाल के जरिये स्वस्थ सेक्स जीवन बनाए रखने में मदद करने के लिए निम्न कदम उठाए जा सकते हैं पुरुषों या महिलाओं की सेक्स समस्याओं को गुप्त रोग कहा जाता है।