अपने को दें वक्त, ताकि समय साथ रिश्ते कमज़ोर न पड़ें

अपने को दें वक्त, ताकि समय साथ रिश्ते कमज़ोर न पड़ें
अपने को दें वक्त, ताकि समय साथ रिश्ते कमज़ोर न पड़ें 2

समय के साथ रिश्ते मज़बूत होने चाहिए लेकिन अक्सर उल्टा होता है, वक्त बीतने के साथ-साथ हमारे रिश्ते कमज़ोर पड़ने लगते हैं और जब तक हमें एहसास होता है तब तक बहुत देर हो चुकी होती है बेहतर यही होगा की समय रहते अपने रिश्तों को समय (quality time) दें ताकि वो मज़बूत बने रहे।

वक्त देने का मतलब ये नहीं कि बस आप हमेशा साथ रहें, बल्कि जब भी ज़रूरत हो तो सामनेवाले को येभरोसा रहे कि आप उनके साथ हो। रिश्ते में अकेलापन महसूस नहीं होना चाहिए अक्सर ऐसा होता है कि किसी के साथ रहते हुए भी हम अकेलापन महसूस करते हैं, क्योंकिरिश्तों से हम जिस सहारे की उम्मीद करते हैं वो नहीं मिलता ऐसे में मन में यही ख्याल आता है कि ऐसे रिश्ते से तो हम अकेले हीअच्छे थे इसलिए बेहतर होगा अपने रिश्तों में ऐसा अकेलापन और ठंडापन न आने दें।

साथ-साथ होकर भी दूर-दूर न हों , हो सकता है आप शारीरिक रूप से साथ हों लेकिन अगर मन कहीं और है तो ऐसे साथ का कोई अर्थ नही है इसलिए जब भी साथ हों पूरी तरह से साथ हों, पास-पास बैठे होने पर भी एक-दूसरे के बीच खामोशी न हो , क्या आपका रिश्ता उस हालत में आ चुका है जहां आपके बीच कहने-सुनने के लिए कुछ बचा ही नहीं? ये ख़ामोशी इस तरफ इशारा कर रही है कि आप अपने रिश्तों को अब समय दें और इस ख़ामोशी को तोड़ें।

अपनी – अपनी अलग ही दुनिया में मशगूल नहीं होना चाहिए आप अपने काम और दोस्तों में व्यस्त हैं लेकिन अपनों के लिए समय का एक छोटा सा हिस्सा भी नहीं निकाल पाना ऐसे में दूरियां आना लाज़मी है इससे बचना चाहिए अपनी दुनिया में अपनों को भी शामिल रखें और उनके लिए आपकी दुनिया में एक खास जगह होना चाहिए।

हमें अपने रिश्तो को अपनी प्राथमिकता की सूची में सबसे ऊपर की जगह देना चाहिए वरना हम हर तरफ से अकेले हो जाएंगे।

डिजिटल दुनिया में अपनी अलग से दुनिया ना बसा लें। सोशल मीडिया पर अनेक दोस्त होंगे उनसे आपकी चैटिंग भी होती है लेकिन ध्यान रखें कि यह केवल एक छलावा है जो कि हकीकत से कोसों दूर है यहां धोखे की गुंजाइश ज्यादा होती है जब आपको जरूरत होगी जब आप किसी मुसीबत में होंगे तो आपको यह रिश्ते काम नहीं आएंगे बल्कि आपके रियल लाइफ से जुड़े हुए रिश्ते होंगे वही आप समय पर मदद करेंगे।

रिश्तों को क्वांटिटी की बजाय क्वालिटी टाइम दें हमेशा साथ रहने को साथ होना नहीं कहा जा सकता बल्कि जब भी साथ होंतो पूरी तरह से साथ हों एक-दूसरे को स्पेशल महसूस कराएं कुछ अच्छा करें यूं ही बैठकर कभी पुरानी बातें याद करें, कभीएक-दूसरे को रोमांटिक गाना गाकर सुनाएं या कभी कोई अपनी सीक्रेट बातो के बारे में बताएं , साथी की फ़िक्र हो, ज़िम्मेदारी का एहसास हो, दूर रहने पर भी कनेक्शन फ़ील हो, हाल-चाल जानों- यही मतलब है क्वालिटी का।

दूर रहकर भी एक दूसरे को ऐसा एहसास कराएं कि आपको उनकी फिक्र है , जहां तक पहुंच संभव हो आप एक दूसरे को समय देने का प्रयास करें यह एहसास कराएं कि आपको उनकी फिक्र है आप फोन पर बात नहीं कर सकते तो मैसेज पर ही कनेक्ट रहे। आप दिन भर बिजी हो सकते हैं पर रात को एक साथ बैठकर खाना खाएं खाना खाते वक्त मन को काफी पॉजिटिव रखें। बताये की कैसे और कितना एक-दूसरे को मिस करते हो ।पॉज़िटिव मूड के साथ पॉज़िटिव बातें करें

आज के इस भाग दौड़ भरी जीवन में हर व्यक्ति अपने परिवार वाले और अपनों को समय नहीं दे पाते हैं इसकी वजह से कई तरह की परिवारिक समस्या भी शुरू हो जाती है यदि आप भी अपने कार्यों में व्यस्त रहते हैं और परिवार को समय नहीं दे पा रहे हैं तो समय के साथ अपने रिश्ते को मजबूत बनाने के लिए समय देना बेहद जरूरी है क्योंकि रिश्तो में समय ना देने की वजह से दरार भी आने लगती है। बेहतर होगा कि अपने परिवार वाले को कम – कम सप्ताह में एक दिन उनके लिए समय निकालें और उनके साथ रहे।

रोज सोने से पहले 10 – 15 मिनट का वक्त दिन भर की बातें करने के लिए रखें एक दूसरे में केरिंग की भावना होना चाहिए जगह प्यार और रोमांस अपनी जगह है लेकिन एक दूसरे के प्रति रिश्तो में केरिंग होना बहुत अच्छा होता है जैसे की बीमारी में डॉक्टर के पास खुद ले जाना और अगर आपका पार्टनर किसी प्रकार से बीमार है तो आप घर के कामों में और उनके अन्य कामों में उनके हाथ बताएं छोटी छोटी बातें जो है रिश्तो को काफी मजबूत बनाती है एक दूसरे से हमेशा उनके तबीयत का हाल पूछा अगर उनको कोई परेशानी है तो आप उनकी परेशानी को जानिए और उनको समस्या का समाधान करने में मदद कीजिए इस तरह से फिक्र मंद होना रिश्तो के प्रति प्यार को दर्शाता है।

जिम्मेदारियों और काम को बांटे इससे एक दूसरे का बोझ हल्का होता है छुट्टियों के दिन को स्पेशल बनाएं बाहर से खाना मंगवाना मूवी पर जाएं जरूरी नहीं है कि किसी महँगी जगह पर ही जाए आप किसी आसपास के रिसोर्ट में एक क्वालिटी टाइम स्पेंड कर सकते हैं। उनके मन में क्या परेशानी चल रही है यह जानने की कोशिश करें आपस में राय दें और अपने रिश्तो को अहमियत दें और उनके लिए भी अलग से समय निकालें।

शारीरिक संबंधों को इग्नोर ना करें लेकिन यह एक मशीनें प्रक्रिया ना हो इसी स्पाइसी बनाए रखने के लिए कुछ नए तरीके करते रहना चाहिए उसमें प्यार और भावनाओं का होना बहुत जरूरी है। ताकि इसमें अपनेपन का अहसास हो।

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